Friday, January 2, 2026

मुस्लिम अभिलेखों में आगरा की प्राचीनता और हिंदू सभ्यता का उल्लेख है।

Translation of TARIKH-E-DAUDI



सिकंदर लोदी का दरबारी इतिहासकार अब्दुल्ला अपनी पुस्तक तारीखे-दाऊदी में आगरा के बारे में लिखता है कि 


हिंदू धर्म के लोग मानते हैं कि मथुरा में शासन करने वाले राजा कंस के समय में आगरा एक शक्तिशाली शहर था। राजा कंस अपने विरोधियों को किले में कैद कर लेता था, जिसके कारण समय के साथ-साथ वह किला राज्य का एक प्रमुख कारागार बन गया था।


आज भी आगरा के गोकुलपुरा में कंस गेट है जोकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन एक संरक्षित स्मारक है।


अब्दुल्ला ने अपनी पुस्तक में आगरा में किले का उल्लेख किया है और वर्णन द्वापर युग का है।


जो भी कहते है कि आगरा के भवन मुगल शिल्पकला के अनुपम उदाहरण है लेकिन मुस्लिम अभिलेखों में आगरा के सम्बंध में  राजा कंस उल्लेख है और आगरा राजा कंस  का केंद्रीय कारागार था।


मुस्लिम इतिहासकार आगरा की प्राचीनता और हिन्दू सभ्यता का उल्लेख करते है आजकल के कुकुरमुत्ते आगरा को मुगल शिल्पकला का अनुपम उदाहरण बोलते है।


द्वापर युग में न बाबर का जन्म हुआ था न गौरी-खिलजी का और न उनके धर्म का।


आगरा एक प्राचीन हिन्दू नगर है।

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