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| History of India by M. Elphinstone |
सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी को आगे न बढ़ने के लिए संदेश भेजा जिस गौरी के जनरल ने आदेश के लिए समय मांगा।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान व मोहम्मद गौरी की सेनाओं के कैम्प पास-पास थे बीच में एक नाला था।
मोहम्मद गौरी ने भोर होते ही बीच के नाले को पार कर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की सेना के कैम्प पर हमला कर दिया जिससे अफरा-तफरी मच गई।
अपनी योजना में विफल होने के बाद गौरी भागने लगा जिसका पीछा सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने किया।
सेना से दूर होते ही गौरी के पहले से तैयार 12000 सैनिकों ने महाराज पृथ्वीराज चौहान और उनके सरदारों को घेर लिया, महाराज पृथ्वीराज चौहान और उनके सरदारों को युद्ध क्षेत्र में ही मार दिया।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने युद्ध क्षेत्र में ही वीरगति प्राप्त की थी उन्हें न तो गजनी ले जाया गया और न ही उन्हें अंधा किया गया।
1206 ई० में खोखर राजपूतों ने गौरी की हत्या कर दी।
जिस समय गौरी ने हमला किया वह युद्ध विराम का समय था, गौरी यह जानता था कि वो कभी नियमों से युद्ध नहीं जीत सकता।
इतिहास में सच लिखा है लेकिन क्षत्रियों को अपमानित करने के लिए झूठ प्रचारित किया जाता है।

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